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मितौली (लखीमपुर खीरी)। प्री मानसून की हल्की बारिश से ही मितौली क्षेत्र की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। तहसील मुख्यालय समेत करीब 50 गांवों में शुक्रवार की रात 12 बजे के बाद बिजली गुल हो गई, जिसके बाद रात भर ब्लैक आउट रहा। दूसरे दिन शनिवार को दोपहर 12 बजे के बाद सप्लाई चालू हो पाई। इसके कुछ देर बाद फिर से फॉल्ट आने के कारण करीब दो घंटे तक बिजली कटौती हुई।
विद्युत उपकेंद्र मितौली में सीतापुर के नेरी सब स्टेशन से बिजली सप्लाई मिलती है, जिससे लंबी लाइन होने से अक्सर जर्जर तार में फॉल्ट आने से बिजली सप्लाई बाधित होती है। हल्की हवा या बारिश में तो बिजली सप्लाई पूरी तरह चरमरा जाती है, जिसके बाद फॉल्ट ढूंढने से लेकर उसे सही करने में कई घंटों का समय लग रहा है। शुक्रवार की रात को हल्की बारिश हुई, जिससे सुआताली और कोल्हौरा गांव के पास लाइनों में फॉल्ट आ गया। रात भर बिजली गुल रही, जिसके बाद दूसरे दिन शनिवार को दोपहर बाद ही सप्लाई बहाल हो सकी। इससे कस्ता, खुर्दा, बबौना, पिपरिया आदि गांवों में सप्लाई ठप रही। जेई विजय शर्मा ने बताया कि पुरानी लाइन होने की वजह से हल्की बारिश से लाइनों में फॉल्ट आने के मामले बढ़ गए हैं, जिन्हें ढूंढने और फिर उसे सही करने में कई घंटों का समय लग रहा है।
गौरीगंज में आठ दिन से बिजली ठप
ममरी। रेहरिया फीडर लाइन से संबद्ध गौरीगंज गांव में रखे कम क्षमता के ट्रांसफार्मर के ओवर लोडिंग में कई बार फुंकने से गांव वालों को सुचारू ढंग से बिजली नहीं मिल पा रही है। यहां आठ दिन से बिजली ठप है।
गांव के रामप्रताप, योगेंद्र सिंह, बालगोविंद, आसाराम आदि का कहना है कि गांव में करीब 105 कनेक्शन हैं जबकि ट्रांसफार्मर कम क्षमता के रखे होने की वजह से अधिभार में फुंक जाता है, जिससे बिजली सप्लाई आठ दिनों से ठप है। घर में लगे उपकरण शोपीस बन गए हैं। ग्रामीणों ने अधिक क्षमता का ट्रांसफार्मर रखवा कर बिजली सप्लाई बहाल कराने की मांग की है। लाइनमैन सर्वेश कुमार का कहना है कि दूसरा ट्रांसफार्मर लगाया गया है, सप्लाई रविवार को बहाल हो जाएगी। संवाद
