निघासन। ग्राम पंचायत गुलरिहा पत्थर शाह में फर्जी शपथ दिलाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के खिलाफ नौ सदस्य लामबंद हो गए हैं। फर्जी शपथ दिलाकर अंगूठा लगाने वाले प्रपत्रों को सील कर एसडीएम ने पंचायत सचिव को नोटिस जारी कर तलब किया है।
ग्राम पंचायत गुलरिहा पत्थर शाह में नवनिर्वाचित पंचायत सदस्य खुशीराम ने बताया कि वह तीन दिन पहले भीरा अपनी ससुराल में शादी समारोह में शामिल होने गए थे। अन्य सदस्य आशिक अली, अमानत, करीना, कमला, मनोहर, शाबिरा, सुनीता आदि ने बताया कि बिना सूचना दिए छह पंचायत सदस्यों को दुखहरण देवी मंदिर पर शपथ दिला दी गई।
आरोप है कि खुशीराम और शिवराज सिंह के बदले दूसरे लोगों को खड़ा करके उनको शपथ दिला दी गई। शपथ दिलाने की भनक लगने पर नौ ग्राम पंचायत सदस्य लामबंद हो गए और ब्लॉक में प्रदर्शन किया। पंचायत सचिव ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए नौ पंचायत सदस्यों को शपथ दिलाई।
आरोप है कि पंचायत सचिव ने फर्जी शपथ दिलाने वाले दो शपथपत्र फाड़कर कूडे़दान में डाल दिए। सदस्य फटे हुए शपथपत्र लेकर एसडीएम ओपी गुप्ता के पास पहुंचे। ओपी गुप्ता ने फटे हुए शपथपत्रों को सील करने का आदेश देते हुए मामले को गंभीरता से लिया।
सदस्यों ने आरोप लगाया कि नौ सदस्य ग्राम प्रधान के खिलाफ थे। बहुमत लेने के लिए पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने दूसरे लोगों को खड़ा करके शपथ दिला दी। वहीं पंचायत सचिव धीरेंद्र मौर्य का कहना है कि उनसे चूक हो गई थी, जो उन्होंने दो लोगों के शपथ पत्र हटा दिए। मंगलवार को ब्लॉक में उन दो लोगों और अन्य छह लोगों को मिलाकर दोबारा शपथ दिला दी है।
- ओपी गुप्ता, एसडीएम