इस बार जिले में शुरू नहीं हो सका पोलियो ड्राप पिलाने का अभियान
जिले में शून्य से पांच साल तक के पांच लाख से अधिक हैं बच्चे
लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण काल में नौनिहालों का नियमित टीकाकरण प्रभावित है। ऐसे में जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखने के टीके भी नहीं लग पा रहे हैं। टीकाकरण के मामले में न तो पिछले साल का लक्ष्य पूरा हुआ और न ही इस साल होता दिख रहा है। विभागीय लोग बताते हैं कि निगरानी समिति में एएनएम की ड्यूटी लगी है। ऐसे में एएनएम के संक्रमित होने पर टीकाकरण अभियान प्रभावित हुआ है।
बच्चों को विभिन्न जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए महिला अस्पताल, सीएचसी-पीएचसी से लेकर उपकेंद्रों पर टीकाकरण सत्र लगते थे। इसमें नौनिहालों को डायरिया, निमोनिया, जेई, एईएस, टीबी, टिटनेस, खसरा, रूबेला, रोटा वायरस आदि बीमारियों से सुरक्षित रखने का टीका लगाने के साथ पोलियो ड्राप पिलाई जाती है। मगर, कोरोना की दस्तक ने टीकाकरण सत्र से लेकर पोलियो अभियान समेत सभी अभियानों पर ग्रहण लगा दिया। पिछले साल तीन माह का लॉकडाउन और उसके बाद संक्रमण के डर से महिलाएं बच्चों को लेकर घर से निकली ही नहीं। इससे न तो पिछले साल लक्ष्य पूरा हुआ और न ही इस वर्ष पूरा होने की उम्मीद है।
पिछले माह एक से 20 अप्रैल तक सिर्फ जिले भर में 4553 बच्चों के ही टीके लग सके। उधर, पांच साल तक के बच्चों को पोलियो ड्राप भी नहीं पिलाई जा सकी। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों का विधिवत टीकाकरण न हो पाना सबसे बड़ी मुसीबत है।
इसलिए जरूरी हैं टीकाकरण
एसीएमओ एवं आरबीएसके के नोडल अधिकारी डॉ. आरपी दीक्षित बताते हैं कि नवजात बच्चों के टीकाकरण से उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है। इससे गंभीर बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। वैक्सीनेशन संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम करता है। बच्चों को 24 माह तक दो, चार, नौ एवं 12 व 24 माह के अंतराल पर वैक्सीन लगाने के साथ पोलियो खुराक पिलाई जाती है।
ये लगाए जाते हैं टीके
जीवनरक्षक टीका - बीमारी से बचाव,
बीसीजी - तपेदिक या टीबी,
पेंटा- काली खांसी, डिप्थीरिया, टिटनेस
चिकिनपॉक्स- चिकिनपॉक्स
इन्फ्लूएंजा- सर्दी, खांसी, जुकाम
एमएमआर-खसरा, गलसुआ व रूबैला
रोटावायरस- संक्रमण
नियोमोकोकल- निमोनिया
पोलियो -अपंगता से बचाव
हीमोफिलस बी - हेपेटाइटिस
पूर्ण प्रतिरक्षित बच्चे (0 से नौ माह)- 4553( एक से 20 अप्रैल तक)
बीमारी- गतवर्ष का लक्ष्य- टीका लगा
टिटनेस-133788-6094
बीसीजी-116640-4733
पेंटा वैलेंट-116640-4762
पोलियो-116640-5122
एमआर-116640-4262
महिला अस्पताल से लेकर सीएचसी सहित गांवों में वीएचएनडी सत्र लगाए जा रहे हैं। स्टाफ सीमित है। टीकाकरण में आशा एवं एएनएम की महत्वपूर्ण भूमिका है। इनकी ड्यूटी निगरानी समिति में भी लगी है। जिस दिन सत्र होता है उस दिन टीकाकरण भी करती हैं। संक्रमण के चलते महिलाएं भी बच्चों को टीकाकरण स्थल पर लाने में डर रही हैं
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