पसगवां। संकट के इस दौर में कोरोना योद्धा अपना दर्द भूलकर मरीजों की सेवा करने में जुटे हैं। ड्यूटी फर्ज निभाते समय कई बार भावुक और विषम परिस्थितियां भी आईं, लेकिन अपना धर्म निभाने से वह पीछे नहीं हटे। फार्मासिस्ट के पद पर पसगवां सीएचसी में तैनात अनुराग श्रीवास्तव ने अपना फर्ज निभाते हुए अपनी पत्नी तक को खो दिया। बावजूद इसके हिम्मत व जज्बे के साथ मरीजों की सेवा करने में लगे हैं।
फार्मासिस्ट अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि मरीजों की सेवा करते हुए परिवार सहित संक्रमित हुए। घर में 14 दिन क्वारंटीन रहे। पत्नी शालिनी की 27 अप्रैल को मौत हो गई। बेटी प्रतिष्ठा भी संक्रमित हो गई। सकारात्मक सोच एवं होम क्वारंटीन नियमों का पालन कर कोरोना को मात दी। इसके बाद बेटी को नानी के घर छोड़कर फिर से आकर ड्यूटी ज्वाइन कर मरीजों की सेवा कर अपना धर्म निभाने लगे।
ड्यूटी करते हुए संक्रमित हुए, फिर भी न मानी हार
पलियाकलां। ड्यूटी करते हुए संक्रमित हुए और कोरोना का मात देकर फिर से मरीजों की सेवा कर रहे हैं सीएचसी के डॉ. अजीत कुमार सिंह। उन्होंने बताया कि बुखार आदि लगने पर जांच कराई और रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद घर के सभी लोग संक्रमित हो गए। मगर, हिम्मत नहीं हारी। होम आइसोलेट होकर अपने साथ परिवार की देखरेख करते रहे। होम क्वारंटीन नियमों का पालन करते हुए परिवार सहित कोरोना के संक्रमण से मुक्त हो गए। डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि संतुलित एवं पौष्टिक भोजन के साथ समय से दवाएं लेकर कोरोना को मात दी। फिलहाल अब डॉ. अजीत की ड्यूटी जिला मुख्यालय पर लगी है। संवाद
Lakhimpur Kheri : ड्यूटी करते हुए संक्रमित हुए, फिर भी न मानी हार
May 20, 2021