Lakhimpur Kheri :बिना लाइसेंस बीज बेच रहीं सात दुकानें सील

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚
नकली बीज बेचने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी में कृषि विभाग
लखीमपुर खीरी। शहर के बाजार में प्राइवेट बीज दुकानों का निरीक्षण कर जिला कृषि अधिकारी ने एक दुकान सील की। यह दुकानदार बिना लाइसेंस बीज बेच रहा था। इसके अलावा गोला क्षेत्र के संसारपुर और जलालपुर गांवों में भी बिना लाइसेंस बीज बेच रहीं छह दुकानों को बंद कराया गया है। डीएम के निर्देश पर चले अभियान में कुल सात दुकानों को सील करने की कार्रवाई की गई है।
जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने शहर के बीज बिक्री केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। बीज बिक्री का लाइसेंस नहीं दिखा पाने पर कुशवाहा सीड एंड पेस्टिसाइड को सील करा दिया है। साथ ही दुकानदार को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर साक्ष्य सहित जवाब मांगा है।

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में बिना बीज लाइसेंस के बीजों का व्यापार नहीं होने दिया जाएगा। शासन, प्रशासन के निर्देश और किसानों की शिकायत मिलने पर इसी प्रकार की छापामार कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।
संसारपुर। जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम ने कस्बे में खाद-बीज व कीटनाशक दुकानों पर छापा मारा, जिससे कई लोग दुकानें बंद कर भाग निकले। इस बीच जिला कृषि अधिकारी ने मानवी कृषि सेवा संस्थान, आकाश कृषि रक्षा केंद्र, पटेल कृृषि सुरक्षा केंद्र, कनौजिया कृषि सेवा केंद्र की जांच-पड़ताल की तो कोई भी दुकानदार बीज बेचने का लाइसेंस नहीं दिखा सका। इसके अलावा जलालपुर गांव स्थित वर्मा फर्टिलाइजर्स और कुमार खाद भंडार पर भी कृषि अधिकारी ने छापा मारा। सभी दुकानों पर बिना लाइसेंस के बीज बिक्री की जा रही थी, जिससे नकली व अधोमानक बीजों की बिक्री किए जाने का खतरा बढ़ जाता है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि सभी दुकानदार बीज बिक्री के लिए आवश्यक लाइसेंस नहीं दिखा सके हैं। इसलिए दुकानों को बंद करा दिया गया है और नोटिस देकर जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब प्राप्त न होने पर सभी के खिलाफ बीज अधिनियम और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो दुकानदार दुकानें बंद करके चले गए हैं, उन्हें भी चिन्हित करके कार्रवाई की जाएगी।

रिसर्च व इंप्रूव्ड बीजों की बिक्री पर रहेगी रोक
जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया है कि सभी बीज व्यापारियों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने बिक्री केन्द्र में सभी बीजों का मूल्य एवम स्टॉक बोर्ड में लिख कर रखें। किसानों को कैश/ क्रेडिट मेमो जारी करें। बीजों के स्टॉक की सूचना प्रत्येक माह की पांच तारीख तक प्रारूप ‘घ’ में जिला कृषि अधिकारी कार्यालय को भेजें। रिसर्च और इम्प्रूव्ड बीजों की बिक्री प्रतिबंधित है। इच्छुक कंपनियों, दुकानदारों को ऐसे बीजों की बिक्री से पूर्व कृषि निदेशालय से बिक्री पूर्व अनुमति लेनी होगी, जिसके बाद ही रिसर्च व इंप्रूव बीजों को निशुल्क बतौर प्रदर्शनी के लिए किसानों को देना होगा। अन्यथा की दशा में इन बीजों की बिक्री जनपद में प्रतिबंधित रहेगी।
इन बीजों की होती है जिले मनें खपत
जनपद में खरीफ सीजन में धान 185702 हेक्टेअर, मक्का 10842 हेक्टेअर, मूंगफली 11248 हेक्टेअर, तिल 4815 हेक्टेअर, उर्द 4323 हेक्टेअर सहित बाजरा, ज्वार, मूंग, अरहर, मोटा अनाज, सब्जी वर्गीय फसलें, चारा फसलों की बुवाई की जानी है। इन सभी के लिए बहुतायत में किसान नए बीज की मांग करते हैं।
बीज व्यापारियों को बीज लाइसेंस जारी किए गए हैं। बिना लाइसेंस के बीजों का व्यापार करना बीज अधिनियम 1966, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 का उल्लंघन है और संज्ञेय अपराध है।
- शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम

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