Lakhimpur Kheri :किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर मनाया काला दिवस

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚
भाकियू ने की तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग
डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस और खादों की बढ़ी कीमतों पर रोक लगाने की मांग
गोला गोकर्णनाथ। बुधवार को नगर समेत ब्लॉक बांकेगंज के गांव हजरतपुर और शाह नगर में भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष अमनदीप सिंह संधू के नेतृत्व में किसान नेताओं ने हाथों में काले झंडे व काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया। भाकियू कार्यकर्ता तीनों कृषि कानूनों का विरोध कर रहे थे।
नगर में भाकियू के नगराध्यक्ष कुलवंत सिंह, अमरजीत सिंह, शिवराम, रमेश कुमार, मनराज सिंह आदि ने काला दिवस मनाया। यूनियन के पदाधिकारियों ने कृषि कानून वापस लेने, गन्ना न्यूनतम मूल्य कानून बनाने, डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस, डीएपी, एनपीके पर बढ़ी कीमतों पर रोक लगाने की मांग की।

अमीरनगर। भारतीय किसान मजदूर यूनियन राष्ट्रवादी के जिलाध्यक्ष हेम सिंह यादव की उपस्थिति में काला दिवस मनाया। किसान नेताओं ने काला दिवस मनाकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
ममरी। भारतीय किसान यूनियन अंबावता गुट के जिला अध्यक्ष महादेव प्रसाद वर्मा का कहना है कि वैसे तो किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन होना था, लेकिन उनके बड़े भाई का निधन हो जाने की वजह से कार्यक्रम स्थगित कर देना पड़ा है। कार्यकर्ताओं को वापस लौटा दिया गया है।
सपाइयों ने किया विरोध प्रदर्शन
गोला गोकर्णनाथ। सपा के पूर्व विधायक के आवास पर सपाइयों ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए मोदी, योगी सरकार के विरोध में काला दिवस मनाकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर आकाश लाला, नितिन तिवारी, पंकज लाला, रजत गुप्ता, रसिक तिवारी, शिवम गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद

किसान कानूनों के विरोध में प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
लखीमपुर खीरी। भारतीय किसान मजदूर यूनियन (भाकिमयू) सिंघानिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एसके सिंघानिया के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने तीनों किसान कानूनों के विरोध में हीरालाल धर्मशाला चौराहे पर प्रदर्शन किया और किसान बिल वापस लेने की मांग संबंधी ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजा।
एसके सिंघानिया ने बताया कि तीनों किसान कानूनों के विरोध में दिल्ली में किसान छह महीने से धरना दे रहे हैं। बावजूद इसके सरकार ने काले कानून को अब तक वापस नहीं लिया है। न ही आंदोलन में शहीद किसानों को कोई आर्थिक मुआवजा ही दिया गया है। उधर, खाद का मूल्य भी बढ़ा दिया गया है, जिसका असर खेती पर पड़ेगा और महंगाई बढ़ेगी।
इस दौरान लखनऊ मंडल प्रभारी रमाकांत दीक्षित सहित कल्पना, मेवालाल पाल, जितेंद्र गुप्ता, दीपक वर्मा, कपिल दीक्षित, शिवम मिश्रा, गोकुल त्रिपाठी, नंदकिशोर आर्या, रविंद्र राठौर, देवेंद्र शुक्ला, सोनू विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
कृषि कानून को वापस लेने के लिए सौंपे ज्ञापन
पलियाकलां। कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली में किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर सपा व अखिल भारतीय किसान महासभा ने राष्ट्रपति व राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को दिए हैं।
सपा नेता रेहान खान ने तहसीलदार को दिए ज्ञापन में मांग की गई है कि कृषि कानून को सरकार तत्काल वापस ले, किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले परिवार को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा व परिवार के एक-एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि कृषि कानून वापस नहीं होते हैं तो आंदोलन किया जाएगा। इससे पहले पुलिस ने सपा नेता को उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। उधर, अखिल भारतीय किसान महासभा के कमलेश राय ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को दिया है, जिसमें कृषि कानून वापस लेने की मांग की है। संवाद

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