बुखार आने के डर से वैक्सीन लगवाने से बच रहे ग्रामीण
लखीमपुर खीरी। सरकार का जागरूकता अभियान टीके के प्रति ग्रामीणों के डर को दूर नहीं कर पा रहा है। ग्रामीण इलाकों में लोग टीका लगवाने से भाग रहे हैँ। बुखार, हाथ पैरों में दर्द आदि दिक्कतों को लेकर उनमें डर बना है। कई इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीम को विरोध का सामना कर पड़ रहा है। जिले में अब तक मात्र 22 प्रतिशत ही टीकाकरण हो पाया।
टीकाकरण का निर्धारित लक्ष्य- 850000
अब तक हुआ टीकाकरण-1,90,000
पहली डोज लगवाने वाले 45 से अधिक उम्र के लोग-17 प्रतिशत
दूसरी डोज लगवाने वाले -तीन प्रतिशत
(ये आंकड़े 19 मई तक के हैं)
बैदा गांव से लौट गई टीम
मोहम्मदी। सीएचसी क्षेत्र के गांव बैदा में लोग वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार नहीं है। लोगों में वैक्सीन लगवाने के बाद बुखार, खांसी आदि होने का डर है। टीकाकरण के लिए गई टीम का विरोध होने पर सीएचसी अधीक्षक सुरेंद्र सिंह, वीडियो धर्मेश पांडे, बीईओ जगन्नाथ यादव ने गावं जाकर ग्रामीणों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया। मगर गांव वाले तैयार नहीं हुए। अधिकारियों के समझाने पर दो तीन लोग टीकाकरण के लिए तैयार हुए, लेकिन तीन लोगों के लिए वैक्सीन खुलवाना अधिकारियों ने उचित नहीं समझा। इसलिए टीम वापस लौट गई। डॉ. सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बैदा गांव में करीब पांच हजार की मिश्रित आबादी है। गांव के लोग टीकाकरण के लिए तैयार नहीं है। प्रधान पति दिलीप यादव बताते हैं कि गांव वालों को काफी समझाया, लेकिन डर के कारण वैक्सीन लगवाने केे तैयार ही नहीं हैं।
ग्रामीण बोले, यदि कुछ हुआ तो क्या सरकार लेगी जिम्मेदारी
मितौली में एक से 22 मई तक 6600 के सापेक्ष 523 लोगों का वैक्सीन लग पाई। लगवाना है। निघासन सीएचसी अधीक्षक लालजी पासी बताते हैं कि टीकाकरण कराने के दौरान टीम के समाने तमाम समस्याएं आ रही है। गांव के लोग विरोध कर रहे हैं। फिलहाल टीकाकरण से होने वाले फायदों के बारे में ग्रामीणों को बताया जा रहा है। संपूर्णानगर कस्बा क्षेत्र के सुमेरनगर, संपूर्णानगर, खजुरिया, रानीनगर सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित गांव हैं। टीकाकरण का कार्य जारी है। मगर, टीकाकरण के बाद बुखार आने एवं पॉजीटिव होने की आशंका के चलते ग्रामीणों वैक्सीन लगवाने से बच रहे हैं।
टीकाकरण सुरक्षित, जरूर लगवाएं
लोगों में व्याप्त भ्रम दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन प्रयासरत है। निगरानी समितियां गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में टीका ही एक मात्र हथियार है। टीकाकरण के बाद बुखार आ सकता है, लेकिन इससे डरकर न लगवाना गलत है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
- डॉ. एएन चौहान, सीएचसी अधीक्षक
क्या कहते हैं ग्रामीण
संपूर्णानगर के विकास कुमार बताते हैं कि अभी वैक्सीन तो नहीं लगवाई, जिन्होंने लगवाई है उनको बुखार, हाथ पैर में दर्द व कमजोरी जैसी शिकायतें हैं। इससे वैक्सीन लगवाने में डर लगा रहा है।
मझरा पश्चिम प्रधान प्रतिनिधि जितेश कुमार ने बताया कि निगरानी समिति ने सर्वे किया, लेकिन वैक्सीन नहीं लगाई। बड़ा मझरा में एक की मौत भी हो चुकी है। इसके बाद वैक्सीनेशन के लिए बताया गया। हालांकि घर-घर जाकर लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
भानपुरी कॉलोनी के प्रधान प्रभुनाथ बताते हैं कि कुछ लोग बुखार आदि के डर से वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं, जिन्हें समझाया जा रहा है। कोरोना से जंग जीतने के लिए वैक्सीन लगवाना जरूरी है।