सिसौरा निकूमपुर में पात्रों को आवास मिलने की उम्मीद, शौचालय भी बनेंगे

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚
मोहम्मदी। ढाई हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत सिसौरा निकूम की जनता ने जर्जर मार्ग और कीचड़ से परेशान होकर इस बार सरोज त्रिवेदी (32) को अपना प्रधान चुना है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि युवा प्रधान होने के नाते वह हर घर में शौचालय बनवाएंगे और पात्रों को पीएम आवास के साथ ही ग्राम की जर्जर सड़क की दशा भी सुधरवाएंगे। उधर, पहली बार प्रधान बने सरोज त्रिवेदी गांव वालों की उम्मीदों पर खरा उतरने की बात कह रहे हैं।

एक नजर
1- आबादी- 2500
2- मतदाता-1500
3- साक्षरता- 60 प्रतिशत

प्राथमिकताएं
1- बरात घर बनवाना
2- गरीबों का आवास
3- घर-घर शौचालय
4- जर्जर सड़क निर्माण

गांव की समस्या
1- पेयजल का संकट
2- जर्जर सड़क
3- गंदगी और जभराव
4- टूटी फूटी नालियां
5- पात्रों को आवास नहीं

गांव में सड़क बिजली पानी की व्यवस्था करके वोटरों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने काम करुंगा। जनता ने हमें पूरी मेहनत और विश्वास से चुना है। उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करुंगा।
- सरोज त्रिवेदी, ग्राम प्रधान

पूरी पंचायत के मतदाताओं, जिसने उन्हें प्रधान चुना है, की आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करें। हमारी पंचायत में नियमित सफाई न होने से नालियों के होने से जलभराव की समस्या बनी हुई साफ सफाई पर ध्यान दिया जाए।
- संतोष त्रिवेदी, शिक्षक

पात्र गरीबों को आवास मिलें। उनके यहां शौचालय की व्यवस्था हो। बच्चों के लिए खेलकूद का मैदान, बरात घर बनवाया जाए। इंटरलॉकिंग सड़क बनाई जाए। गांव में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।
- अंशू मिश्रा

गांव में कीचड़ को खत्म करके प्रतिदिन सफाई हो और गांव को सुंदर बनाया जाए। हमारी यही प्रधान से अपेक्षा है कि वह गांव की हालत सुधरवाएं। जहां जल भराव की स्थिति है उसे खत्म कराया जाए।
- शशिकांत त्रिवेदी

कोठीपुर गांव के खड़ंजे पर कीचड़ से बढ़ी लोगों की परेशानी
बांकेगंज। कस्बा से सटे कोठीपुर गांव में लगे खड़ंजे की हालत काफी खराब है। बारिश होने से जर्जर खड़ंजे पर कीचड़ और जलभराव हो गया है। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। सिटीजन रिपोर्टर ने अमर उजाला को बताया कि कई बार जिम्मेदारों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक ध्यान नहीं दिया गया।
ग्रामीणों कृष्ण कुमार, अशोक, ध्रुव सिंह, प्रमोद, किशोरी लाल आदि का कहना है कि गांव में लगे खड़ंजे पर बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना रहता है। बारिश के मौसम में जलनिकास की समस्या के चलते खड़ंजे पर जलभराव और कीचड़ होने से लोगों का निकलना दूभर हो रहा है। गांव में बनी नालियों की सालों से साफ-सफाई न होने से नाले में जमा कूड़ा करकट में मच्छर पैदा होकर लोगों को काटने के बाद उन्हें बीमार कर रहे हैं। यही नहीं गांव में रोशनी के लिए लगाई गईं स्ट्रीट लाइटों के खराब होने से गांव में अंधेरा रहता है। परेशान लोगों ने गांव के जर्जर खड़ंजे की मरम्मत और नाले-नालियों की साफ-सफाई कराने की मांग की है। संवाद

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