आखिरी दिन भी क्रय केंद्रों पर लगी रहीं किसानों की लाइनें

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚

बिचैलियों से साठगांठ की आशंका में कुछ किसानों का नहीं खरीदा गया गेहूं

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बढ़ी अवधि में करीब 350 किसानों से 10 हजार क्विंटल हुई गेहूं खरीद

बढ़ी अवधि में क्रय एजेंसी यूपीएसएस, एसएफसी, पीसीयू के क्रय केंद्र रहे बंद

लखीमपुर खीरी। सरकारी गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ाए जाने के बाद अंतिम दिन मंगलवार को भी क्रय केंद्रों पर किसानों की लाइन लगी रही। कई किसान एक सप्ताह से अधिक समय से क्रय केंद्र पर डेरा डाले हुए थे, जिनका गेहूं आखिरी दिन तौला गया। वहीं कुछ संदिग्ध किसानों की बिचौलिए से साठगांठ होने के शक में उनसे गेहूं नहीं खरीदा गया। अधिकारियों का दावा है कि बढ़ी अवधि में करीब 350 किसानों से 10 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया है।
रबी क्रय वर्ष 2021-22 का समापन मंगलवार को हो गया। इससे पहले एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू की गई थी। जिले भर में कुल 159 क्रय केंद्र खोले गए थे, जिसके बाद 15 जून को गेहूं खरीद समाप्त होनी थी। सरकार ने किसानों के हित को देखते हुए 22 जून तक गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ाई थी। इस अवधि में क्रय एजेंसी यूपीएसएस, एसएफसी, पीसीयू के क्रय केंद्र बंद रहे।

बताते हैं कि इन एजेंसियों के कांटे 15 जून को ही लॉक कर दिए गए थे, जिसके बाद आगे खरीद करने की अनुमति नहीं मिली। पीसीयू द्वारा भुगतान न किए जाने से सरकार ने इनके क्रय केंद्रों को 15 जून से पहले ही बंद करने के निर्देश भी दिए थे।
मंडी समिति राजापुर में खाद्य विभाग, मंडी समिति और पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीदा गया। हालांकि कुछ केंद्र्र प्रभारी दोपहर तक टोल-मटोल करते रहे, जिसके बाद किसानों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों के कहने पर तौल शुरू हुई। बढ़ी अवधि का लाभ लेने के लिए कुछ बिचौलिए भी सक्रिय हुए, जिन्होंने किसानों को लालच देकर उनसे पंजीकरण कराया। तहसील स्तर से हुए सत्यापन में पंजीकरण करा चुके कुछ किसानों को संदिग्ध पाया गया, जिससे उनकी तौल नहीं हो सकी।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि बढ़ी अवधि में करीब 350 किसानों से 10 हजार क्विंटल से ज्यादा गेहूं खरीदा गया है। बताया कि बढ़ी अवधि में खाद्य विभाग, मंडी समिति, पीसीएफ और एफसीआई के क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद हुई। अब समय सीमा में बढ़ने की उम्मीद नहीं है। क्योंकि इस अवधि में अधिकतर किसान गेहूं बेच चुके हैं।


एजेंसियों पर किसानों का 31 करोड़ से ज्यादा बकाया
गेहूं खरीद करने वाली एजेंसियों पर किसानों का 31.15 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं किसानों को तीन अरब 16 करोड़ 84 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका हैै। खाद्य विभाग के क्रय केंद्रों पर 418.21 लाख, पीसीएफ पर 1325.59 लाख, पीसीयू पर 715.90 लाख, एसएफसी पर 15.64 लाख, यूपीएसएस पर 487.08 लाख, मंडी समिति पर 72.49 लाख और एफसीआई पर 80.29 लाख रुपये गेहूं मूल्य बकाया है।
अधिकारियों के चक्कर लगा रहे किसान
गोला गोकर्णनाथ। समय तो बढ़ गया, लेकिन क्रय केंद्रों पर बोरों की कमी बनी रही। इससे कई किसान चाह कर भी अपना गेहूं नहीं बेच सके हैं।
गेहूं खरीद के लिए 22 जून तक बढ़ाए गए समय के समाप्त होने से दो दिन पूर्व तीन हजार बोरे मिले हैं। उनमें भी कुछ केंद्र इंचार्ज बोरे लेने और खरीद करने में हीला हवाली बरत रहे हैं। कृषि उत्पादन मंडी समिति में एफसीआई, मंडी परिषद, एसएफसी का एक-एक, सीएमएस के दो, पीसीएफ के चार और आरएफसी के पांच सहित 14 सेंटर हैं। इनमें आरएफसी के प्रथम, द्वितीय, तृतीय, मंडी परिषद और एफसीआई के केंद्र प्रभारी ने 500 बोरों की एक-एक गांठ प्राप्त कर ली है, वहीं अन्य केंद्र इंचार्जों ने बोरे प्राप्त नहीं किए हैं। आरएफसी प्रथम केंद्र प्रभारी धर्मराज तो गेहूं खरीद करते मिले, वहीं अन्य केंद्र सूने पड़े थे और किसान गेहूं बेचने के लिए परेशान एक सेंटर से दूसरे सेंटर के चक्कर लगा रहे थे। संवाद
प्रगतिशील किसान भी परेशान
रत्नापुर फार्म के प्रगतिशील किसान तरसेम सिंह ने बताया कि वर्ष 2010 में उन्हें उड़द के बेहतर उत्पादन के लिए प्रदेश में पहला स्थान मिलने पर सम्मानित किया गया था। मौजूदा हालात को देखकर लग रहा है कि अब उत्पादन बढ़ा कर भी क्या फायदा। एक माह पूर्व ऑनलाइन पंजीकरण कराया था, अब जाकर गेहूं बिक पाया है।
ऑनलाइन टोकन जारी न होने से समय रहते नहीं बेच पाए गेहूं
हजरत पुर निवासी लखविंदर सिंह ने बताया कि एक माह पूर्व गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करा दिया था, उसके बाद तमाम प्रयास करने के बाद भी ऑनलाइन टोकन नहीं मिला तो उन्होंने एडीएम और एसडीएम को समस्या बताई। तब जाकर गेहूं बेच पाए।
ऑनलाइन पंजीकरण वाले किसानों को मिलेगी प्राथमिकता
एसडीएम अखिलेश यादव ने बताया कि विपणन वर्ष 15 जून को समाप्त होने पर डीएम के निर्देश पर गेहूं क्रय केंद्रों का सर्वे किया था, जिसमें ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद करीब 2200 किसान ऐसे मिले जो गेहूं नहीं बेच पाए थे। उन सबको कृषि उत्पादन मंडी समिति में लगे सेंटरों पर बुलाया गया है। तीन हजार बोरे मिले हैं, जिन्हें मांग के मुताबिक केंद्र प्रभारियों को देकर खरीद कराई जाएगी।
तिकुनिया : अंतिम दिन 350 क्विंटल गेहूं खरीदा
तिकुनिया। कृषि उत्पादन मंडी समिति में मंडी समिति के क्रय केंद्र पर 350 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है।
मंडी समिति में गेहूं की कई ट्रॉली खड़ी थीं, जिनमें सभी ट्रॉली से 50-50 क्विंटल गेहूं ही खरीदा गया है। सचिव सुलेमान ने बताया कि शासनादेश के तहत एक दिन में किसान से 50 क्विंटल से ज्यादा खरीद नहीं की जा सकती। इसलिए सभी किसानों की ट्रॉलियों से अंतिम दिन 50-50 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। परेशान किसानों ने बताया कि अब हम अपना गेहूं कहां बेचें। मनप्रीत सिंह, बलकरण सिंह, राजीव खत्री ने बताया कि केंद्र प्रभारी कहते हैं कि यहां भीड़ न लगाओ, अब खरीद बंद है। संवाद

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