लखीमपुर खीरी। गन्ना पेराई सत्र 2020-21 को समाप्त हुए तीन माह होने को हैं, लेकिन अभी तक किसानों को 53 प्रतिशत ही गन्ना मूल्य का भुगतान मिल पाया है। यह हाल तब है, जब शुक्रवार को छह मिलों ने 82.42 करोड़ रुपये भुगतान किसानों के खाते में भेजा है। बजाज ग्रुप की तीन मिलें गोला, पलिया, खंभारखेड़ा भुगतान करने में सबसे फिसड्डी बनी हुई हैं। गोला ने 12.37, पलिया ने 9.52 और खंभारखेड़ा मिल ने 15.78 प्रतिशत ही भुगतान किया है। इधर, किसान समय से भुगतान न मिलने से बेहद परेशान हैं।
गन्ना किसानों ने नौ चीनी मिलों को 1015.80 लाख क्विंटल गन्ना आपूर्ति की है। इसके सापेक्ष मिलों को 32 अरब, 67 करोड़, 27 लाख, 15 हजार रुपये भुगतान करना है, लेकिन अभी तक मिलों ने 17 अरब, 32 करोड़, 81 लाख, 81 हजार रुपये का ही भुगतान किया है। 15 अरब, 34 करोड़, 45 लाख, 34 हजार रुपये का भुगतान अभी बकाया है। सबसे ज्यादा गन्ना मूल्य का भुगतान बजाज ग्रुप की चीनी मिलों पर बकाया है, जबकि ऐरा मिल ने 46.92 प्रतिशत, सहकारी क्षेत्र की बेलरायां मिल ने 57.94 और संपूर्णानगर ने 57.99 प्रतिशत भुगतान किया है। अजबापुर मिल ने 90.06 प्रतिशत, कुंभी ने 93.84 प्रतिशत और गुलरिया मिल ने 93.12 प्रतिशत भुगतान किया है।
सहकारी मिलों के भुगतान में आई तेजी
शुक्रवार को जिन छह मिलों ने 82 करोड़, 42 लाख, 70 हजार रुपये भुगतान किया है, उसमें सबसे ज्यादा बेलरायां ने 36 करोड़ और संपूर्णानगर ने 34.90 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। गोला ने 2.11 करोड़, पलिया ने 60 लाख, खंभारखेड़ा ने 2.30 करोड़ और ऐरा मिल ने 6.51 करोड़ रुपये भुगतान किया है।
71.65 करोड़ ब्याज की बनी देनदारी
गन्ना एक्ट के मुताबिक 14 दिनों में भुगतान न करने पर चीनी मिलों को विलंब अवधि का ब्याज भी किसानों को देना अनिवार्य है। समय पर भुगतान न करने के चलते चीनी मिलों पर 71.65 करोड़ रुपये ब्याज की देनदारी बन चुकी है, जिसका गन्ना मूल्य के साथ भुगतान करना होगा।
बजाज ग्रुप की चीनी मिलें भुगतान करने में फिसड्डी बनी हुई हैं, जिससे उन पर जल्द भुगतान करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। तीनों मिलों की चीनी बिक्री पर नजर रखी जा रही है। सहकारी मिलों के भुगतान की स्थिति में सुधार हो रहा है।
ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
बोले किसान- महंगी लागत, सस्ते दाम फिर भी नहीं मिला भुगतान
वर्तमान सीजन में सात बैलगाड़ी गन्ना बजाज चीनी मिल को सप्लाई किया है, जबकि भुगतान अब तक एक भी पर्ची का नहीं मिला है। 20 जून को बेटे की शादी है, साथ ही खेती, किसानी, घरेलू खर्चे भी हैं। भुगतान न मिलने से सभी काम ठप पड़े हैं।
दयाराम वर्मा, किसान, खरगापुर।
बजाज चीनी मिल में बिकी चारों पर्ची का भुगतान अभी बाकी है। एक पैसे का भी भुगतान अभी तक न मिलने से घर का बचा रुपया सब खर्च हो गया है। बुखार आदि चलने काफी परेशानी हुई। अपना रुपया होने के बावजूद कर्ज लेना पड़ रहा है।
सर्वेश सिंह, किसान असौवा।
किसान की आय खेती से ही होती है, लेकिन जब उसे समय पर गन्ना का भुगतान नहीं मिलता तो तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। भुगतान न होने पर परिवार चलाना भी मुश्किल हो रहा है। चीनी मिल समय पर भुगतान नहीं कर रही हैं।
ओमप्रकाश वर्मा, किसान चिंतापुरवा।
बजाज हिंदुस्थान शुगर लि. गोला में बिके गन्ने का भुगतान अभी नहीं मिला है, जबकि गन्ने में खाद, गुड़ाई, कीटनाशक दवाई, धान की रोपाई कराने और अन्य कार्यों के लिए रुपयों की जरूरत पड़ रही है। पैसों के अभाव में किसान परेशान हैं।
हरिनंदन प्रसाद, किसान रोशननगर
Lakhimpur Kheri : चीनी मिलों ने किसानों को 53 प्रतिशत ही किया गन्ने का भुगतान
June 04, 2021