पलिया/मझगईं (लखीमपुर खीरी)। चंदौली में एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार देने वाले बिगड़ैल हाथी मिट्ठू उर्फ मिथुन को सोमवार की सुबह दुधवा नेशनल पार्क ले आया गया। उसे गुलरा चौकी में रखा गया है। अभी पांच-छह महीने उसे अन्य हाथियों से अलग रखा जाएगा।
हाथी को लेने के लिए दुधवा नेशनल पार्क के पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर के नेतृत्व में चार प्रशिक्षित महावत चंदौली रवाना हुए थे। रविवार की शाम चार बजे चंदौली से हाथी की विशेष ट्रक में रवानगी की गई। सोमवार की सुबह मिट्ठू को दक्षिणी सोनारीपुर रेंज की गुलरा चौकी पर लाया गया। इस दौरान बेलरायां वार्डेन सीपी सिंह, रेंजर सोनारीपुर गिरधारी लाल के साथ ही काशी वन्यजीव प्रभाग के रेंजर ताराशंकर यादव मौजूद रहे।
डीडी मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि हाथी को सकुशल लाया गया है। उसकी उम्र 45 वर्ष है। बताया कि इसके आने के बाद अब दुधवा में हाथियों की संख्या 25 हो गई है। हाथी लगभग पांच-छह माह के चिकित्सीय परीक्षण के दौरान अन्य हाथियों से अलग रहेगा। यहां आने के बाद पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर व डॉ. राहुल राजपूत ने हाथी का परीक्षण किया है, जिसमें उसका स्वास्थ्य ठीक पाया गया।
हाथी को लेने के लिए दुधवा नेशनल पार्क के पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर के नेतृत्व में चार प्रशिक्षित महावत चंदौली रवाना हुए थे। रविवार की शाम चार बजे चंदौली से हाथी की विशेष ट्रक में रवानगी की गई। सोमवार की सुबह मिट्ठू को दक्षिणी सोनारीपुर रेंज की गुलरा चौकी पर लाया गया। इस दौरान बेलरायां वार्डेन सीपी सिंह, रेंजर सोनारीपुर गिरधारी लाल के साथ ही काशी वन्यजीव प्रभाग के रेंजर ताराशंकर यादव मौजूद रहे।
डीडी मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि हाथी को सकुशल लाया गया है। उसकी उम्र 45 वर्ष है। बताया कि इसके आने के बाद अब दुधवा में हाथियों की संख्या 25 हो गई है। हाथी लगभग पांच-छह माह के चिकित्सीय परीक्षण के दौरान अन्य हाथियों से अलग रहेगा। यहां आने के बाद पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर व डॉ. राहुल राजपूत ने हाथी का परीक्षण किया है, जिसमें उसका स्वास्थ्य ठीक पाया गया।