बोझवा ठोकर नंबर जीरो और इमलिया के रास्ते पर चलने लगा पानी
पलियाकलां। शारदा नदी के जलस्तर बृहस्पतिवार को घटकर खतरे के निशान से नीचे उतर गया है, लेकिन अब नदी ने कटान करना शुरू कर दिया है।
शारदा नदी का जलस्तर बुधवार को खतरे के निशान से 24 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था, लेकिन अब जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। जल आयोग के मुताबिक बृहस्पतिवार को दोपहर तीन बजे तक नदी का जलस्तर 153.880 सेंटीमीटर तक पहुंच गया है। उधर, घटते जलस्तर के कारण नदी ने अब कटान करना शुरू कर दिया है।
श्रीनगर, आजादनगर, बर्बादनगर, मटैहिया आदि गांवों के खेतिहर इलाकों में नदी कटान कर रही है। बोझवा की ठोकर नंबर जीरो और इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर भी नदी का पानी भर गया है। करीब तीन फुट पानी भरने से लोगों को आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बोझवा की ठोकर नंबर जीरो को पार कर ग्रामीण अपने खेतों की ओर जाते हैं, लेकिन अब उनको खेतों पर जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
बाढ़ की पूर्व सूचना के लिए सूचना तंत्र सक्रिय
पलियाकलां। ट्रोसा परियोजना के तहत आक्सफेम इंडिया के सहयोग से नदियों के किनारे संचालित समूह शारदा नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद सक्रिय हो गए हैं। समूहों द्वारा नदी से सटे गांवों के ग्रामीणों को जलस्तर से संबंधित जानकारियां दी जा रही हैं।
डीएम ने किया बाढ़ से बचाव के लिए बन रहे बांध का निरीक्षण
गुलरिया। बाढ़ से बचाव के लिए बनाए गए सुरक्षा कवचों की हकीकत जानने के लिए डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने जंगल नंबर सात के पास शारदा नदी का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम गोला अखिलेश यादव, एसडीएम पलिया डॉ. अमरेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड राजीव कुमार भी साथ रहे। संवाद
डीएम ने बॉर्डर पर सुनीं कटान पीड़ितों की समस्याएं
तिकुनियां। डीएम ने बुधवार की रात करीब 8:30 बजे बॉर्डर के गांव रननगर में पहुंचकर कटान प्रभावित ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि मोहाना नदी का कटान रोकने के लिए नेपाल सरकार ने नदी किनारे पत्थर डालकर बांध बना लिया है, जिससे बाढ़ का पानी नेपाल में नहीं घुसेगा, लेकिन भारत सीमा के गांव जलमग्न होंगे। मामले को पिछले साल शासन से अवगत कराया गया था, लेकिन सिंचाई विभाग ने सीमेंट के पिलर बनाकर नदी किनारे लगाए हैं, जिससे कटान व बाढ़ रुकने की उम्मीद नहीं है। मामले में डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार से इस बाबत जानकारी ली और उन्हें निर्देश दिए कि हर हाल में नदी की धारा को मोड़कर कटान को रोकने का बंदोबस्त करें। संवाद