भीरा रोड स्थित कैफे पर हमला करने वाले खुटार की ओर भागे
कैफे पर किसने और क्यों फायरिंग की, यह अभी भी रहस्य, तहरीर के आधार पर जांच कर रही पुलिस
मैलानी। शनिवार रात भीरा रोड स्थित कैफे के वाच टॉवर पर कई राउंड फायरिंग के मामले में कैफे स्वामी ने घटना के एक दिन बाद अज्ञात लोगों पर फायरिंग करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। हालांकि, फायरिंग किसने और क्यों की, यह कैफे मालिक भी नहीं बता सका।
भीरा रोड पर जंगल के पास स्थित कैफे संचालक कस्बा निवासी तौसीफ हैदर और ग्राम लोचनपुर निवासी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि 12 जून शनिवार की रात ग्राम गंगापुर निवासी चौकीदार दयाराम कैफे के वॉच टॉवर पर चौकीदारी कर रहा था। रात साढ़े 11 से 12 बजे के बीच खुटार की ओर से एक चौपहिया वाहन कैफे के सामने आकर रुका। उसमें से लोगों ने टॉवर पर तीन राउंड फायरिंग की। अचानक हुई फायरिंग से घबराए चौकीदार ने किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाई। फायरिंग के बाद हमलावर गाड़ी से खुटार की ओर चले गए।
चौकीदार ने सूचना कैफे संचालक तौसीफ हैदर को दी तो उन्होंने डायल 112 को खबर की, जिस पर डेढ़ घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के अगले दिन रविवार को उन्होंने तहरीर देकर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। हालांकि, कैफे पर किसने और क्यों फायरिंग की, यह अभी भी रहस्य बना हुआ है।
वहीं, इंस्पेक्टर मैलानी का कहना है कि कैफे संचालकों, तौसीफ हैदर और गुरप्रीत सिंह की संयुक्त तहरीर के आधार पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ दहशत फैलाने का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
कैफे पर किसने और क्यों फायरिंग की, यह अभी भी रहस्य, तहरीर के आधार पर जांच कर रही पुलिस
मैलानी। शनिवार रात भीरा रोड स्थित कैफे के वाच टॉवर पर कई राउंड फायरिंग के मामले में कैफे स्वामी ने घटना के एक दिन बाद अज्ञात लोगों पर फायरिंग करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। हालांकि, फायरिंग किसने और क्यों की, यह कैफे मालिक भी नहीं बता सका।
भीरा रोड पर जंगल के पास स्थित कैफे संचालक कस्बा निवासी तौसीफ हैदर और ग्राम लोचनपुर निवासी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि 12 जून शनिवार की रात ग्राम गंगापुर निवासी चौकीदार दयाराम कैफे के वॉच टॉवर पर चौकीदारी कर रहा था। रात साढ़े 11 से 12 बजे के बीच खुटार की ओर से एक चौपहिया वाहन कैफे के सामने आकर रुका। उसमें से लोगों ने टॉवर पर तीन राउंड फायरिंग की। अचानक हुई फायरिंग से घबराए चौकीदार ने किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाई। फायरिंग के बाद हमलावर गाड़ी से खुटार की ओर चले गए।
चौकीदार ने सूचना कैफे संचालक तौसीफ हैदर को दी तो उन्होंने डायल 112 को खबर की, जिस पर डेढ़ घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के अगले दिन रविवार को उन्होंने तहरीर देकर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। हालांकि, कैफे पर किसने और क्यों फायरिंग की, यह अभी भी रहस्य बना हुआ है।
वहीं, इंस्पेक्टर मैलानी का कहना है कि कैफे संचालकों, तौसीफ हैदर और गुरप्रीत सिंह की संयुक्त तहरीर के आधार पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ दहशत फैलाने का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।