Lakhimpur Kheri : मेरुदंड व कमर को लचीला बनाता है कटि चालन

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚

लखीमपुर खीरी। आयुष योग वेलनेस सेंटर फूलबेहड़ के योग प्रशिक्षक अमित कुमार बताते हैं कि कटि चालन योगासन का अर्थ कमर के हिस्से को घुमाना है। इससे कमर में खिंचाव आने के साथ लचीलापन आता है। यह आसन शरीर के लिए बेहद लाभकारी है। कब्ज दूर करने में सहायक है।


विधि

1. समतल जमीन पर पैर जोड़ कर सीधे खड़े हो जाएं।
2. सांस अंदर लेते हुए हथेलियां एक दुसरे के सामने रखकर हाथों को अपने सामने और जमीन के समानांतर रखें।
3. हाथ एवं कंधों की दूरी समान रखें।
4. सांस छोड़ते हुए, कमर दाहिनी ओर घुमाएं और बाएं हाथ को दाहिने कंधे पर एवं दाहिने हाथ को पीछे कमर पर रखे।
5. सांस लेते हुए पुन: सामने की ओर घूम जाएं।
6. सांस छोड़ते हुए बायीं और घुमते हुए आसन दोहराएं।

लाभ

1. कब्ज से राहत।
2. मेरुदंड व कमर में लचीलापन आता है।
3.हाथ व पैर की मासपेशियों के लिए लाभदायक है।
4. गर्दन व कंधों को आराम देकर पेट की मासपेशियों एवं पीठ को शक्तिशाली बनाता है।

सावधानी

गर्भावस्था, हर्निया, स्लिप डिस्क एवं उदर के हिस्से में सर्जरी आदि होने पर आसन का अभ्यास वर्जित है।

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