Lakhimpur Kheri : शासन दे रहा एक हजार की मदद, वेंडरों को पता नहीं

𝐤𝐮𝐬𝐡𝐚𝐥 𝐕𝐞𝐫𝐦𝐚

नगर पालिका में पंजीकृत हैं 2800 वेंडर, कई पंजीकरण कराने के लिए लगा रहे चक्कर

लखीमपुर खीरी। कोरोना काल में भीषण आर्थिक संकट झेल रहे स्ट्रीट वेंडर को सीएम योगी ने एक-एक हजार रुपये देने का एलान तो किया, मगर जागरूकता न होने से तमाम वेंडर योजना के लाभ से वंचित हैं।
शहर मेें तमाम लोग रोज कमाकर खाने वालों में से हैं। सैकड़ों की संख्या में लोग गांव से शहर में आकर ई-रिक्शा, पंक्चर, ठेलिया चलाने के साथ खाने-पीने का ठेला लगाकर दो वक्त की रोटी का इंतजाम करते हैं। मगर, कोरोनाकाल में एक माह के कर्फ्यू ने इन सबके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। कोरोना कर्फ्यू लगने से काम धंधा बंद हो गया है। ऐसे में लोग घर पर रहने का मजबूर हैं। हालांकि शासन ने दैनिक मजदूरों के लिए श्रमिक भरण पोषण योजना के तहत एक-एक हजार रुपये खाते में भेजने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए पर इसके लिए स्ट्रीट वेंडरों का नगर पालिका एवं पंचायत में पंजीकरण होना अनिवार्य है। हालांकि पालिका प्रशासन शहर के सभी वेंडरों, ई-रिक्शा व ठेलिया चालक, धोबी, मोची आदि के पंजीकृत होने का दावा कर रहा है। मगर, प्रचार-प्रसार के अभाव में तमाम दैनिक मजदूर योजना से वंचित हैं।

नगर पालिका में पंजीकरण के लिए आधार कार्ड और बैंक पासबुक दे आए थे। कई महीने बीतने के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिली। एक दो बार नगर पालिका भी गए, लेकिन कोई मिला नहीं। -प्रभात कुमार


योजना के बारे में जानकारी नहीं है। कागज पिछले साल नगर पालिका में जमा कर दिए थे, लेकिन फोन आज तक नहीं आया। देेखो लाभ मिलता भी है कि नहीं। -मटरू

सीएम ने जो योजना शुरू की है उसके बारे में जानकारी नहीं है। नगर पालिका को प्रचार प्रसार कराना चाहिए था। जानकारी हुई है सोमवार को नगर पालिका जाकर पंजीकरण कराएंगे। -अख्तर

पिछले साल आवेदन किया था। मगर, इस बार शुरू हुई योजना के बारे में जानकारी नहीं है। मगर, एक बार नगर पालिका से फोन जरूर आया था। मगर, बताया कुछ नहीं है। -मुकेश अवस्थी

पिछले साल आवेदन फार्म नगर पंचायत खीरी में जमा किया था। बताया था कि फोन करें तब आना। पिछले कई माह फोन आने का इंतजार कर रहे हैं। -राजन

लॉकडाउन के दौरान दस हजार का लोन मिला था, जिसकी किस्तें जमा कर रहे हैं। मगर, इस बार योजना के बारे में पता ही नहीं लगा। एक माह की बंदी से आर्थिक संकट खड़ा हो गया। -सुरेश

जो लोग पिछले साल आवेदन कर चुके हैं और उन्हें प्रमाण पत्र मिल चुका है। उन लोगों को दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है। नगर पालिका में करीब 2800 वेंडर आदि पंजीकृत हैं। ई-रिक्शा एवं ठेलिया चालकों के नाम फीड किए जा रहे हैं, जिससे उनके खातों में भरण पोषण योजना के तहत एक-एक हजार रुपये भेजे जा सकें। -आरआर अंबेष, अधिशासी अधिकारी

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