जेई बोले, मिट्टी का पटाव न होने के कारण गिरी दीवार
सिकंद्राबाद। बेहजम कस्बे की बाछेपारा रोड किनारे बनाई गई नाले की दीवार मंगलवार की सुबह हुई हल्की बारिश भी नहीं झेल पाई और ढह गई। इसका निर्माण क्षेत्र पंचायत निधि से सात लाख रुपये में हुआ था। आरईएस के जेई का कहना है कि निर्माण कार्य में सामग्री मानक अनुरूप प्रयोग हुई है। इसके गिरने का कारण नाले की दीवार के बीच मिट्टी का पटाव न होना है। इससे गैप में पानी भर गया और दीवार ढह गई।
कस्बे के लोगों को जलभराव से निजात दिलाने के लिए बाछेपारा मोड़ के पास नाला निर्माण कराया गया था। जेई के मुताबिक, दो दिन पहले प्लास्टर भी हो गया था। इसके बावजूद मंगलवार की सुबह हल्की बारिश में ही नाले की दीवार ढह गई। नाला ढहने की सूचना मिलने से ठेकेदार से लेकर ब्लॉक के जिम्मेदारों के होश उड़ गए | बताते हैं कि आरईएस के जेई ने मौके पर जाकर नाले की स्थिति देखी। मानक विहीन निर्माण सामग्री प्रयोग करने का आरोप लगा रहे ग्रामीणों का कहना है कि अब जिम्मेदार इस पर पर्दा डालने में लग हैं।
निर्माण सामग्री की हो जांच, तभी साफ होगी स्थिति
जेई निर्माण सामग्री मानक के अनुरूप प्रयोग करने का दावा कर गिरने का कारण नाले की दीवार के बीच पानी भरना बता रहे हैं, जबकि प्लास्टर के दो दिन बाद दीवार गिर जाना ग्रामीणों के गले नहीं उतर रहा। ग्रामीण बताते हैं कि मानक अनुरूप निर्माण सामग्री 24 घंटे में सेट हो जाती है। इसको तो दो दिन हो गए थे। फिर दीवार की ऊंचाई भी ज्यादा नहीं है। यदि निर्माण सामग्री की जांच करा दी जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
करीब सात लाख की लागत से लगभग 350 मीटर नाले का निर्माण हुआ था। करीब 50 मीटर नाले के बीच मिट्टी का पटाव नहीं हो सका। इस कारण बारिश में नाले की दीवार ढह गई। - सुरेेंद्र वर्मा, जेई आरईएस ब्लॉक बेहज
नाले की दीवार गिरने की जानकारी मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि निर्माण कार्य में अनियमितता मिलती है तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। - राकेश कुमार सिंह, बीडीओ ब्लॉक बेहजम
निर्माण सामग्री की हो जांच, तभी साफ होगी स्थिति
जेई निर्माण सामग्री मानक के अनुरूप प्रयोग करने का दावा कर गिरने का कारण नाले की दीवार के बीच पानी भरना बता रहे हैं, जबकि प्लास्टर के दो दिन बाद दीवार गिर जाना ग्रामीणों के गले नहीं उतर रहा। ग्रामीण बताते हैं कि मानक अनुरूप निर्माण सामग्री 24 घंटे में सेट हो जाती है। इसको तो दो दिन हो गए थे। फिर दीवार की ऊंचाई भी ज्यादा नहीं है। यदि निर्माण सामग्री की जांच करा दी जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
करीब सात लाख की लागत से लगभग 350 मीटर नाले का निर्माण हुआ था। करीब 50 मीटर नाले के बीच मिट्टी का पटाव नहीं हो सका। इस कारण बारिश में नाले की दीवार ढह गई। - सुरेेंद्र वर्मा, जेई आरईएस ब्लॉक बेहज
नाले की दीवार गिरने की जानकारी मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि निर्माण कार्य में अनियमितता मिलती है तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। - राकेश कुमार सिंह, बीडीओ ब्लॉक बेहजम