चमोली त्रासदी में लापता 29 लोगों को मृत घोषित करने का मामला
बेलरायां। प्रशासन द्वारा चमोली त्रासदी में लापता 29 लोगों को मृत घोषित करने के बाद पीड़ित परिवारों में कुछ आस जगी है, लेकिन उन्हें नहीं पता कि कब तक पैसा मिलेगा।ग्राम पंचायत भिडोरी के ग्राम बाबूपुरवा निवासी मृतक हीरालाल के भाई किशोर ने बताया कि सात फरवरी को चमोली के तपोवन आपदा में भाई लापता हो गया था, जिसके बाद आपदा में खोजबीन के दौरान 27 फरवरी को शव की तलाश कर 28 फरवरी को शव का अंतिम संस्कार उत्तराखंड में किया गया। इस दौरान चार माह बीतने के बाद भी परिवारीजनों को मृतक सहायता राशि नहीं मिली है। इसी तरह गांव निवासी मुन्नी देवी 60 ने बताया कि चमोली की आपदा में लापता हुआ पुत्र अर्जुन 22 चार बहनों में इकलौता था। पिता कलसू की मौत के दौरान अर्जुन पांच साल का था। पुत्र के लापता होने से जिंदगी जीना मुश्किल हो गया है। वहीं पीड़ितों को मृतक सहायता न मिलने से रोटी दाल का संकट पैदा हो गया है। इसी गांव निवासी मृतक सूरज व विमलेश की मां बिट्टी देवी सीता देवी ने बताया कि मृतक सहायता राशि यूपी व उत्तराखंड सरकार से करीब 22 लाख रुपया मिला था। बकाया धनराशि करीब दस लाख रुपये के लिए दोनों सरकारों से कई बार मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।