बिजुआ। 63 साल के बुजुर्ग जरनैल सिंह ने जयपुर में आयोजित 40वीं नॉर्थजोन डबल ट्रैप शूटिंग प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम कर जिले का मान बढ़ाया है।
लखीमपुर से अलीगंज मार्ग पर पड़ने वाले पिपरी गांव के पास लंका नाम के फॉर्म पर रहने वाले जरनैल सिंह उर्फ जनरैल सिंह 63 साल के हो चुके हैं लेकिन शूटिंग में उनका जोश 23 साल के युवा से कम नही है। जरनैल सिंह शेरगिल ने जयपुर में आयोजित 40वी नार्थ जोन शूटिंग चैंपियनशिप (शॉटगन) मे गोल्ड मैडल जीतकर जिले व प्रदेश का नाम रोशन किया। इस प्रतियोगिता मे हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश के निशानेबाजों ने भी भाग लिया था।
23 साल रहे थे शूटिंग रेंज से बाहर
जरनैल सिंह बताते हैं कि 1995 तक वे जिले तक सीमित थे, इसी दौरान उनके पीठ के पिछले हिस्से में दर्द शुरू हो गया। घुटने भी दर्द से साथ छोड़ने लगे, बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गयी, इसके अलावा कई गंभीर बीमारियों ने शरीर को बीमार रहने को मजबूर कर दिया लेकिन अपने हौसले से सबको पछाड़ कर 2018 में घुटने बदलवाकर शूटिंग रेंज में उतरे और गोल्ड मेडल जीता। उसके बाद एक एक कर विभिन्न वर्गों में तीन गोल्ड, एक सिल्वर और एक कांस्य पदक जीतकर सफलता का सिलसिला जारी रखा। जरनैल सिंह ने कहा-जब तक सांस है वे शूटिंग में हिस्सा लेते रहेंगे। संवाद
लखीमपुर से अलीगंज मार्ग पर पड़ने वाले पिपरी गांव के पास लंका नाम के फॉर्म पर रहने वाले जरनैल सिंह उर्फ जनरैल सिंह 63 साल के हो चुके हैं लेकिन शूटिंग में उनका जोश 23 साल के युवा से कम नही है। जरनैल सिंह शेरगिल ने जयपुर में आयोजित 40वी नार्थ जोन शूटिंग चैंपियनशिप (शॉटगन) मे गोल्ड मैडल जीतकर जिले व प्रदेश का नाम रोशन किया। इस प्रतियोगिता मे हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश के निशानेबाजों ने भी भाग लिया था।
जरनैल सिंह बताते हैं कि 1995 तक वे जिले तक सीमित थे, इसी दौरान उनके पीठ के पिछले हिस्से में दर्द शुरू हो गया। घुटने भी दर्द से साथ छोड़ने लगे, बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गयी, इसके अलावा कई गंभीर बीमारियों ने शरीर को बीमार रहने को मजबूर कर दिया लेकिन अपने हौसले से सबको पछाड़ कर 2018 में घुटने बदलवाकर शूटिंग रेंज में उतरे और गोल्ड मेडल जीता। उसके बाद एक एक कर विभिन्न वर्गों में तीन गोल्ड, एक सिल्वर और एक कांस्य पदक जीतकर सफलता का सिलसिला जारी रखा। जरनैल सिंह ने कहा-जब तक सांस है वे शूटिंग में हिस्सा लेते रहेंगे। संवाद
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